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मसाला चाय में साबुत मसालों का मिश्रण है – इलायची, लौंग, दालचीनी और अन्य मसालों को स्वाद को नियंत्रित रूप से निकलने देने के लिए बरकरार रखा गया है।
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मसालों के मिश्रण की क्रमिक प्रक्रिया – पहले मसाले खिलते हैं, उसके बाद चाय की पत्तियों का प्रभाव दिखता है।
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प्राकृतिक मसालों के तेल का सक्रियण – हल्की गर्मी से आवश्यक तेल धीरे-धीरे सक्रिय होते हैं
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चाय की पत्तियों की संतुलित कटाई – कड़वाहट और अत्यधिक निष्कर्षण को रोकती है
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सुगंध की परतें - इलायची की मिठास, लौंग की गर्माहट और दालचीनी की गहराई धीरे-धीरे उभरती हैं।
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चाय में मसालों का संतुलन – न तो चाय का स्वाद बहुत मसालेदार है और न ही फीका।
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दूध और पानी के साथ इस्तेमाल होने वाला मिश्रण – दूध वाली चाय और बिना दूध वाली चाय दोनों में एक समान परिणाम देता है।
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गोल कप के आकार का कप – आरामदायक, भरा हुआ और बिना भारीपन का एहसास।
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चाय का स्वाद एकदम साफ और सहज है – इसमें तीखे मसालों का स्वाद या कड़वाहट नहीं है।
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एकसमान पेय की तीव्रता – सभी बैचों में एक समान स्वाद
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दैनिक उपयोग के लिए उपयुक्त – नियमित रूप से पीने के लिए उपयुक्त हल्की गर्माहट
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पारंपरिक तरीके से काढ़ा बनाने के लिए उपयुक्त – पैन में उबालने या केतली में भिगोने के लिए आदर्श
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| वज़न | 250 ग्राम |
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